Sunday, August 14, 2011


Over time an economy may generate more resources than PPC curve shift right ward which show growth of resources and Production of both Rice and Wheat will increase.

Any point on AD curve like P shows fuller utilization of resources and efficient use of resources.
Any point under AD shows under utilization of resources and inefficient use of resources.

PRODUCTION POSSIBILITY CURVE

PPC curve shows the combination of two goods can be produce with available resources and given technology.
If we need more of wheat than resources will shift from production of Rice to Wheat.

PRODUCTION POSSIBILITY CURVE








Sunday, February 6, 2011

OPPORTUNITY COST AND MARGINAL OPPORTUNITY COST

प्रश्न .अवसर लागत ( OPPORTUNITY COST ) किसे कहते हैं?
उ. किसी साधन की अवसर लागत से अभिप्राय उसके दुसरे सर्वश्रेठ वकाल्पिक मूल्य से है I
प्रश्न. सीमांत अवसर लागत ( MARGINAL OPPORTUNITY COST )किसे कहते हैं?
उ. सीमांत अवसर लागत से अभिप्राय Y वस्तु के उत्पादन की मात्र में होने वाली उस कमी से है जो की X - वस्तु की एक अधिक इकाई के उत्पादन के कारण होती है जब साधनों को y से X की और विवतरित करते हैं I

TEN DAYS PROGRAMME FOR ECONOMICS CLASS XII STUDENTS

FIRST DAY
1.प्रश्न : किसी अर्थव्यवथा की केंद्रीय समस्याओं की व्याख्या करो ?
उत्तर : - किसी अर्थव्यवथा की तीन समस्याएं हैं :
१. क्या उत्पादन किया जाए और किस मात्र मैं उत्पादन किया जाए ? क्यों की संसाधन दुर्लभ हैं एवं उनके वकिल्पिक प्रयोग हैं अतः पहली केन्द्रीय समस्या यह है कि क्या उत्पादन करें? और कितनी मात्रा में करें ?
२. उत्पादन केसे करें? : - वस्तुओं का उत्पादन दो तरीको से किया जा सकता हैं, पूंजी प्रधान तकनीक और श्रम प्रधान तकनीक से, इस लिए यह अर्थव्यवथा केंद्रीय समस्या है I
३. किस के लिए उत्पादन करें : उत्पादन करने के बाद वस्तुयों का वितरण, उत्पादन करने वाले किस प्रकार करें? यह अर्थव्यवस्था की तीसरी केंद्रीय समस्या हैं I
2 प्रश्न. आर्थिक समस्या केसे उत्पन्न होती है?
उ . मानवीय आवश्कताओं की तुलना में साधनों की कमी के कारण आर्थिक समस्या उत्पन होती है I
मानवीय आवश्कताए असीमत हैं, परन्तु साधन सीमित हैं I एवं साधनों के वकाल्पित प्रयोग हैं
इस लिए चयन की समस्या उत्पन्न होती हैं I
3. प्रश्न : बाज़ार अर्थ विवस्था और केंद्रीय नोयोजित अर्थ-विवस्था में अंतर सपष्ट करें I
जिस अर्थ विवस्था में सभी आर्थिक किरयाएं बाज़ार द्वारा नियोजित की जाती हैं उसे बाज़ार अर्थविव्स्था कहतें हैं I
यहाँ उत्पादकों को निर्णय लेने की स्वतंत्रता होती हैं कि क्या उत्पादन करें? कैसे और किस के लिए उत्पादन करें? यह निर्णय कीमत संयंत्र (Price mechanism) की सहायता से लिया जाता है I
केंद्रीय नोयोजित अर्थ-विवस्था में क्या, कैसे और किनके लिए' उत्पादन किया जाये सम्बंधित का निर्णय सरकार दयारा नियुक्त किसी केंद्रीय अधिकारी द्वारा लिया जाता हैं न कि कीमत संयंत्र
(Price mechanism) की सहायता से लिया जाता है I
4. प्रश्न . उत्पादन संभवना वक्र किसे कहते है? इस की सहायता से साधनों का अल्प प्रयोग, पूर्ण प्रयोग और साधनों का विकास चित्र द्वारा समझाएं I
Ans. उत्पादन सम्भावना वक्र से आशय उस वक्र से है जो अर्थव्यवस्था में उपलब्ध साधनों से प्राप्त होने वाली दो वस्तुओं की उत्पादन संभावनाओ को दर्शाता है I
मान्यताएँ : -
१. साधन स्थिर रहते हैंI
२. साधनों का पूर्ण और कुशलतापूर्वक प्रयोग किया जा रहा हैंI
३. तकनीक में परिवर्तन नहीं होता I
४. सभी साधन वस्तुओं के उत्पादन में बराबर कुशल नहीं होते I